गुजरात के साणंद में Kaynes Semicon प्लांट का उद्घाटन,पीएम मोदी बोले—भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर अग्रसर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में Kaynes Technology के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही यहां उत्पादन कार्य भी शुरू हो गया है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक औद्योगिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का संकेत है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में साणंद में ही Micron Technology के प्लांट में उत्पादन शुरू हुआ था, और एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी प्रगति है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भारतीय कंपनी का वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होना “शानदार शुरुआत” है। उनके अनुसार, यह पहल ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के लक्ष्य को साकार करती है। Kaynes का यह प्लांट ‘इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स’ का उत्पादन कर रहा है, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों और औद्योगिक क्षेत्रों में होगा, और इनका बड़ा हिस्सा निर्यात के लिए निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि साणंद और अमेरिका की सिलिकॉन वैली के बीच एक नया औद्योगिक सेतु बन रहा है, जो भारत की वैश्विक तकनीकी उपस्थिति को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक सप्लाई चेन में आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति में बाधाएं पूरी दुनिया को प्रभावित करती हैं। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम है।

उन्होंने बताया कि 2021 में शुरू किए गए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत देश के छह राज्यों में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 10 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। साथ ही, ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के जरिए उपकरण और सामग्री के घरेलू उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर बाजार मौजूदा समय में लगभग 50 अरब डॉलर का है, जो इस दशक के अंत तक 100 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि देश में तकनीकी विकास के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने भारत को “टेकएड” के दौर में बताते हुए कहा कि देश अब केवल बदलाव का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।