रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्लीपर कोचों, बर्थ और सीट व्यवस्था, आधुनिक इंटीरियर, सुरक्षा प्रणालियों और यात्रियों की सुविधाओं का जायज़ा लिया।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और आराम पर विशेष ध्यान दिया गया है। ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाज़े, ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, डिसइन्फेक्टेंट तकनीक और सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। शौचालयों में बेहतर स्वच्छता और पानी के छींटे रोकने के लिए नए डिजाइन अपनाए गए हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 16 कोचों की होगी, जिसमें 11 एसी थ्री-टियर, चार एसी टू-टियर और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल हैं। इसमें करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे। रेल मंत्री ने अधिकारियों के साथ ट्रेन के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि यह ट्रेन पूरी तरह से तैयार है।
यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन की गई है। यह गुवाहाटी से हावड़ा के बीच चलेगी, जिससे देश में लंबी दूरी की रात्री रेल यात्रा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। ट्रेन के ट्रायल, परीक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। खास बात यह भी है कि यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद मिलेगा—गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया और कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में बंगाली पकवान परोसे जाएंगे।

