बिहार की राजनीति में एक अहम बदलाव के तहत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सम्राट चौधरी बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने नीतीश कुमार का स्थान लिया है, जिन्होंने एक दशक से अधिक समय तक राज्य का नेतृत्व करने के बाद पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने का फैसला किया है।
57 वर्षीय सम्राट चौधरी के सामने बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि वे ऐसे नेता की जगह ले रहे हैं जिन्हें ‘सुशासन’ की राजनीति के लिए जाना जाता रहा है। उनके शपथ लेने के साथ ही बिहार में नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक दौर का अंत और एनडीए के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। उन्होंने 1990 के दशक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में 2018 में बीजेपी में शामिल हुए। 2023 में वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने और 2024 में उपमुख्यमंत्री पद संभाला।
चौधरी का परिवार भी लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता शकुनी चौधरी छह बार विधायक रहे, जबकि उनकी माता पार्वती देवी भी विधायक रह चुकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सम्राट चौधरी की नियुक्ति बीजेपी की सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, खासकर ओबीसी समुदाय में पकड़ बढ़ाने के लिहाज से।
शपथ ग्रहण से पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उनसे मुलाकात कर बधाई दी और उनके नेतृत्व में बिहार के विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास जताया।

