वीसी के जरिए भाजपा विधायकों से संवाद,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनकल्याणकारी योजनाओं में सक्रिय भूमिका का किया आह्वान

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 3 अप्रैल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को वीसी के माध्यम से भाजपा विधायकगणों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के जन कल्याणकारी कार्यक्रमों एवं जन अभियानों में जनप्रतिनिधि की सक्रिय भूमिका को अहम बताते हुए आगामी कार्यक्रमों को जन-आंदोलन के रूप में सफल बनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संकल्प पत्र के वादों को पूरा कर रही है ।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा के लिए 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का राज्य सरकार द्वारा आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने विधायकों से कहा कि व इसके लिए 15 अप्रैल से निकलने वाले जनजागरूकता रथों का भव्य स्वागत सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 मई (गंगा दशहरा) से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के इस अनुष्ठान को व्यापक बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधि अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसी तरह हमने इस वर्ष 10 करोड़ से अधिक पौधें लगाने का लक्ष्य रखा है तथा 5 जून से वृक्षारोपण अभियान प्रारंभ होगा। ऐसे में इस अभियान के अंतर्गत विद्यालयों एवं सरकारी परिसरों में व्यापक पौधारोपण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में 19 मार्च से ‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/वार्ड अभियान’ शुरू किया गया है। इसके माध्यम से प्रत्येक गांव और वार्ड का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। साथ ही, इसके जरिए डेटा के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहे। उन्होंने आह्वान किया कि हर विधायक ग्राम सभा एवं वार्ड सभा में अधिक से अधिक जन भागीदारी को सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बजट वर्ष 2026-27 की घोषणाओं को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। सभी विधायक इन घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने एवं अतिवृष्टि की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा एवं प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन के साथ संपर्क में रहने के लिए कहा।