ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ईरान भारत के साथ खड़ा है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, ईरान ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा था कि तेहरान इस कठिन समय में नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए अपने कूटनीतिक संसाधनों का इस्तेमाल करने को तैयार है।
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी पहलगाम हमले को लेकर बयान दिया है। उन्होंने हर निष्पक्ष जांच में सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पाकिस्तान को बार-बार बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जो अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहलगाम हमले के पांच दिन बाद आतंकी संगठन द कश्मीर रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने दावा किया है कि इस हमले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, हमले के बाद सबसे पहले TRF ने ही इसकी जिम्मेदारी ली थी।
सेना और सरकार का तेज़ एक्शन
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबलों और सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सेना ने त्राल, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां सहित कई इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक सात आतंकियों के घरों को विस्फोट कर ध्वस्त किया जा चुका है।
कुलगाम में दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। इसके साथ ही घाटी में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की सूची भी जारी की गई है।
भारत सरकार ने मीडिया संस्थानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि सैन्य अभियानों और बलों की मूवमेंट से जुड़ी किसी भी प्रकार की रिपोर्टिंग से बचा जाए।
घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई
इधर, गुजरात में शनिवार सुबह पुलिस ने सूरत और अहमदाबाद में कार्रवाई करते हुए एक हज़ार से ज़्यादा घुसपैठियों को गिरफ्तार किया।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के धमकी भरे बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि भारत ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं है।

