जयपुर में शुक्रवार को आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय मीडिया कार्यशाला में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में भारतीयता को केंद्र में रखते हुए “स्व का तंत्र” विकसित किया जा रहा है, जो दशकों की वैचारिक गुलामी से मुक्ति का प्रयास है।
त्रिवेदी ने कहा, “कांग्रेस शासन में ऐसा इतिहास पढ़ाया गया जिससे भारतीय होने पर ग्लानि और हिन्दू होने पर शर्म महसूस हो। महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान जैसे ऐतिहासिक चरित्रों को या तो पराजित बताया गया या भुला दिया गया।”
उन्होंने पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “यह भगवाकरण नहीं बल्कि भारत का प्रकटीकरण है।”
कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को यदि सहिष्णुता का वास्तविक अर्थ समझना है तो उन्हें बिना धर्म बदले हज यात्रा कर के दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में 60 लाख से अधिक विदेशी श्रद्धालु शामिल हुए, लेकिन किसी से उनका धर्म नहीं पूछा गया।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर खुद को सशक्त रूप में स्थापित किया है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि भारत में आर्थिक असमानता G-7 देशों की तुलना में कम है और 17 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
इस मौके पर राजस्थान सरकार के मंत्री और भाजपा प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “हमारे प्रवक्ता और पैनलिस्ट पार्टी की रीढ़ हैं, जो सरकार की नीतियों और विचारधारा को जनता तक पहुंचाते हैं। हमें मीडिया और सरकार के बीच संवाद सेतु की भूमिका निभानी होगी।”
भाजपा के प्रदेश मीडिया संयोजक प्रमोद वशिष्ठ ने कहा कि पार्टी सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक विचारधारा से प्रेरित संगठन है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी की योजनाओं और विचारधारा को पूरी समझ के साथ जनमानस तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यशाला में प्रदेश के मीडिया, सोशल मीडिया और आईटी से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।

