केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार अपनी मांग और मुद्दा बदल रहे हैं और उनका मकसद संवाद के बजाय संसद में अव्यवस्था पैदा करना है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने शुरुआत में नीट के मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। सरकार के इसके लिए तैयार होने के बाद उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट का मुद्दा उठाया और फिर जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की।
नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह सभी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने राहुल गांधी से चर्चा से बचने के बजाय संसद में मुद्दों पर बहस करने की अपील की।
‘जंतर-मंतर पर फायरिंग का दावा कर गुमराह किया’
नड्डा ने राहुल गांधी पर जंतर-मंतर की घटना को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वहां गोली चलने का दावा किया, जबकि उनके मुताबिक ऐसी कोई घटना नहीं हुई।
वहीं, राहुल गांधी ने अमित शाह पर संसद में जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अमित शाह में विपक्ष के सामने संसद में खड़े होने की हिम्मत नहीं है और विपक्ष यह जानना चाहता है कि छात्रों पर कथित गोलीबारी का आदेश किसने दिया।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा भी उठा
जेपी नड्डा ने झारखंड में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग जगहों पर छात्रों के प्रदर्शनों को लेकर दोहरा रवैया अपना रहा है।
राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा गलत है और विपक्ष इसका विरोध करता है।
संसद के मॉनसून सत्र में पिछले कई दिनों से विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई है। विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सभी मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है।

