नई दिल्ली में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सेक्टर के विकास के लिए रणनीतिक रोडमैप पर चर्चा की है। यह बैठक विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई।
बैठक में वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया संकट के प्रभावों पर विचार किया गया। आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत करने और वैकल्पिक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि बाहरी जोखिमों से निपटा जा सके। साथ ही, भारत की वैश्विक केमिकल और पेट्रोकेमिकल वैल्यू चेन में स्थिति मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में विभिन्न कंपनियों के प्रमुख और विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने सेक्टर को और मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सुझाव दिए। सरकार और उद्योग के बीच निरंतर सहयोग पर भी जोर दिया गया।
भारत का केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर वर्तमान में करीब 220 अरब डॉलर का है, जिसे 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह क्षेत्र कृषि, दवा, ऑटोमोबाइल और निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण उद्योगों की रीढ़ माना जाता है।

