बीकानेर/जयपुर/ अलवर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली लगातार राज्य और केंद्र सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेर रहे हैं। बीकानेर में आयोजित कांग्रेस के महापड़ाव में शामिल होकर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति और सीमांत क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के विरोध में सरकार को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि अब इनका अंत निश्चित है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों की बदहाली को लेकर भजनलाल सरकार को घेरा और इसे “मर्डर” करार दिया।
जूली ने कहा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पानी के इंजेक्शन लग रहे हैं।प्रसूताओं की मौत हो रही है। नवजात बच्चे उनके साथ मर रहे हैं। किडनी फेल हो रही है। ये तो सीधे सीधे मर्डर है
उन्होंने कहा कि अब लोग सरकारी अस्पताल में जाने से डरने लगे हैं। “कहीं गलत ब्लड चढ़ा देते हैं, कहीं ऑक्सीजन नहीं मिलती है, कहीं 108 ख़राब है, कहीं 104 ख़राब है, कहीं डॉक्टर नहीं है। मजाक बना रखा है।”
कांग्रेस के स्वास्थ्य मॉडल का किया जिक्र:
जूली ने कांग्रेस सरकार के समय लागू योजनाओं का हवाला देते हुए मौजूदा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पूरे प्रदेश के अंदर जो हेल्थ मॉडल कांग्रेस के समय में आया था- राइट टू हेल्थ, चिरंजीवी योजना, निशुल्क दवा, निशुल्क जांच, आरजीएचएस- आज क्या हालत है? आज पूरा फेल कर दिया।”
सीएम से मांगा जवाब:
नेता प्रतिपक्ष ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि दवा खरीद नहीं की जा रही है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
जूली ने मौजूदा हालात को “मजाक” बताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों की जान जा रही है।
जूली बोले हरियाणा के आगे घुटने टेक नीर योजनाओं के नाम पर झूठे वादे, एक बूंद पानी नहीं आया
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भाजपा सरकार पर जल परियोजनाओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार के दावों को “हवा-हवाई” बताया।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री ने यमुना का पानी और अलवर में ERCP का पानी लाने का वादा किया था। “एक बूंद यहां नहीं आई, एक बूंद अलवर नहीं आई।
उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अजमेर और जयपुर में ERCP को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की घोषणा दो बार की, लेकिन “एक साल में न परियोजना बनी, न एक रुपया आया।”
उन्होंने तंज कसा कि वसुंधरा राजे के समय की ERCP परियोजना का नाम पहले PKC और फिर राम जल सेतु कर दिया गया। “पहले कहा MOU कर दिया, फिर कह रहे MOA कर रहे हैं। अब तीसरा नाम क्या देंगे?”
उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने हरियाणा के आगे “घुटने टेक दिए”। समझौता सिर्फ चार महीने का है और केवल बाढ़ का अतिरिक्त पानी मिलेगा। “समझौता 70-30 का नहीं है। पहले हरियाणा अपना 70% पूरा लेगा, उसके बाद अगर एक्स्ट्रा बचा तो राजस्थान को मिलेगा।
उन्होंने इंदिरा गांधी नहर परियोजना को कांग्रेस की देन बताया और कहा कि “कांग्रेस ने शेखावाटी में पहले ही पानी पहुंचाया है।”
पीएम की सभाओं में नहीं जुट रही भीड़, बेइज्जती के डर से टाल रहे जनसभा: जूली
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों और राजस्थान रिफाइनरी को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम के कार्यक्रमों में भीड़ जुटाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए जनसभाएं टाली जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “पहले भी जितनी बार पीएम आए हैं, बड़ी मुश्किल से भीड़ जुटाने की कोशिश की गई है। खाली कुर्सियों की फोटो आती है तो सरकार की बड़ी बेइज्जती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन्होंने जनसभा नहीं रखी है।” उन्होंने तंज कसा कि अब कलश यात्रा निकालने जैसी जिम्मेदारी भी कलेक्टरों को दी जा रही है।
रिफाइनरी पर जूली का बड़ा दावा
जूली ने राजस्थान रिफाइनरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह कांग्रेस सरकार की सौगात है। “रिफाइनरी की शुरुआत मनमोहन सिंह जी और सोनिया गांधी जी ने की थी। उस समय इसकी लागत लगभग 39 हजार करोड़ थी, जिसे अब बढ़ाकर 90 हजार करोड़ से भी ज्यादा कर दिया गया है। राजस्थान की जनता का खून-पसीने का पैसा डबल खर्च किया गया है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस प्रोजेक्ट को अटकाने का काम किया। “भाजपा चाहती तो यह रिफाइनरी 5 साल पहले तैयार होकर चल सकती थी। इसका 90 फीसदी काम कांग्रेस सरकार ने किया है।
आग लगने की जांच पर दागे सवाल,फाइलों में सारे राज दफन
उन्होंने रिफाइनरी में लगी आग का जिक्र करते हुए कहा, “मोदी जी पहले जब आ रहे थे तो वहां आग लग गई थी। आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई कि आग किन कारणों से लगी थी। घटिया सामान लगा है या किसी की लापरवाही रही, यह नहीं बताया गया। ये फाइलों में सारे राज दफन करते हैं।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि रिफाइनरी राजस्थान का भविष्य है और कांग्रेस सरकार ने इसकी नींव रखी थी।
शिक्षा मंत्री पर जूली जमकर बरसे, व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि राजस्थान में शिक्षा मंत्री का स्तर देखिए, पौने तीन साल में शिक्षा के लिए कुछ नहीं बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है। स्कूलों की जर्जर हालत का जिक्र करते हुए कहा कि स्कूल की बिल्डिंग गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई। चित्तौड़गढ़ में छुट्टियों के दौरान भी एक स्कूल की बिल्डिंग गिरी। सरकार ने लगभग 4000 स्कूल जर्जर घोषित किए थे, लेकिन एक भी स्कूल नहीं बन पाया।
उन्होंने कहा कि 45 हजार कमरे क्षतिग्रस्त घोषित किए गए थे जिन्हें ठीक करना था, लेकिन एक कमरा भी ठीक नहीं हुआ। समय पर साइकिल, किताबें और स्कूटी नहीं आ रही हैं। डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं, जबकि सरकार ने पहले साल में सभी पद भरने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिक्षा के लिए काम किया है। महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की शुरुआत की, जिससे गरीब का बच्चा भी प्राइवेट स्कूल की तरह सरकारी स्कूल में फ्री इंग्लिश मीडियम शिक्षा ले सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा मंत्री दिन भर अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं, हर चीज का जवाब देना जरूरी नहीं है। जवाब राजस्थान की जनता देगी।
उन्होंने मौजूदा सरकार को चुनौती दी कि जो स्कूल कांग्रेस सरकार ने शुरू किए थे, उन्हें ही आगे बढ़ाकर दिखा दें।
छापों में शून्य कार्रवाई, सरकार 10 दिन से मौन: जूली ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार खुद मान चुकी है कि छापों में न कोई गिरफ्तारी हुई और न किसी को सजा मिली।
उन्होंने आरोप लगाया, “सदन में मैंने पूछा था कि छापों के बाद कितने लोग गिरफ्तार हुए, कितनों को सजा हुई? विधानसभा में जवाब मिला – जीरो। फिर ये छापे किसलिए मारे जा रहे हैं जब कोई पकड़ा ही नहीं जा रहा?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “या तो किरोड़ी लाल जी पकड़ते हैं और भजन लाल जी छोड़ देते हैं।”
सरकार चिरनिद्रा में,ढाई करोड़ जब्ती पर उठाए सवाल
उन्होंने हाल ही में ढाई करोड़ रुपये जब्त होने के मामले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “दस दिन हो गए, सरकार की तरफ से एक शब्द नहीं आया क्योंकि राजस्थान की सरकार चिरनिंद्रा में सोई हुई है। वो पैसा कहां से आया और कहां जा रहा था, यह साफ करना चाहिए। मंत्री जी खुद एसीपी ऑफिस पहुंचे थे और उन्होंने भी कहा था कि जिनके नाम आ रहे हैं, सब क्लियर होना चाहिए। लेकिन पूरा मामला ही दबा दिया गया।”
पीएम मोदी के दौरे से पहले मांगा जवाब
जूली ने कहा कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान आ रहे हैं। “हम चाहेंगे कि मोदी जी के आने से पहले सरकार इस पर जवाब दे। जनता को बताना चाहिए कि आखिर ये पैसा किसका था।”

