नई दिल्ली, 28 अगस्त 2025 – लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज संसद भवन में श्रीलंका-भारत संसदीय मैत्री संघ के 24 सदस्यीय शिष्टमंडल से भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री और संसदीय मैत्री संघ के अध्यक्ष डॉ. नलिन्दा जयतिस्सा कर रहे थे।
बैठक के दौरान ओम बिरला ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक व सांस्कृतिक रिश्ते आज एक मजबूत बहुआयामी साझेदारी में तब्दील हो चुके हैं। उन्होंने श्रीलंका को भारत की ‘Neighbourhood First’ नीति और ‘विजन सागर’ का अहम हिस्सा बताया।
बिरला ने भारत-श्रीलंका संसदीय मैत्री संघ के गठन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग और लोकतांत्रिक अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने रामायण और बौद्ध सर्किट जैसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाला स्तंभ बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारतीय संसद में पेपरलेस कार्यवाही और AI तकनीक से पारदर्शिता व दक्षता बढ़ी है। उन्होंने 110 से अधिक देशों के सांसदों के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत अपने लोकतांत्रिक अनुभव और नवाचार दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
श्रीलंका के मंत्री डॉ. नलिन्दा जयतिस्सा ने भारत का आभार जताते हुए कहा कि आर्थिक संकट के समय भारत ने प्रथम प्रतिक्रियादाता के रूप में मदद की। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भारत की भूमिका को सराहनीय बताया। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के सहयोग को “जीवनरेखा” बताया।
यह प्रतिनिधिमंडल 26 से 30 अगस्त तक भारत दौरे पर है। इसमें 20 सांसद और 4 संसदीय अधिकारी शामिल हैं।

