जयपुर के मनोहरपुर में मजदूरों से भरी बस में आग लगने की घटना को लेकर प्रशासन ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा बिजली लाइन की ऊंचाई कम होने के कारण नहीं, बल्कि डबल डेकर स्लीपर बस के ऊपर रखे गैस सिलेंडर, मोटरसाइकिल और घरेलू सामान के 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, जिस मार्ग से बस गुजर रही थी, वह खेतों और ईंट भट्टों तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता था, कोई आम सड़क नहीं। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी रेगुलेशंस 2023 के मानकों के मुताबिक ऐसी जगहों पर 11 केवी लाइन की ऊंचाई 15 फीट होनी चाहिए, जबकि मौके पर यह लाइन करीब 17 फीट ऊंचाई पर थी।
जैसे ही हादसा हुआ, संबंधित फीडर का ब्रेकर तुरंत ट्रिप हो गया और विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। जानकारी मिलते ही जयपुर जोन के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य शुरू कराया।

