निर्मल चौधरी की गिरफ्तारी पर मंत्री जोगाराम पटेल का पलटवार,कहा– ‘कांग्रेस का ओछा राजनीतिक रवैया’

Jodhpur Rajasthan

राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। जोधपुर सर्किट हाउस में रविवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए पटेल ने स्पष्ट किया कि यह मामला वर्ष 2022 में कांग्रेस शासनकाल में दर्ज हुआ था और उसी दौरान इसकी जांच भी पूरी हो चुकी थी।

पटेल ने कहा, “अब जब उसी मामले में गिरफ्तारी की गई है, तो इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी करना कांग्रेस की ओछी मानसिकता को दिखाता है। यह सामान्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे लेकर बेवजह हंगामा खड़ा किया जा रहा है।”

“कांग्रेस के समय हुआ था मामला दर्ज”

मंत्री ने कहा कि जब एफआईआर और जांच दोनों कांग्रेस शासन में हुई थीं, तो अब भाजपा सरकार पर आरोप लगाना गलत है। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए और कानून के तहत गिरफ्तारी कहां से की गई, यह मुद्दा नहीं होना चाहिए।

पटेल ने कहा, “अगर किसी आरोपी को विश्वविद्यालय परिसर में भी पाया जाता है, तो वहां से गिरफ्तारी कानूनन सही है। इसमें किसी प्रकार की नियमों की अवहेलना नहीं हुई है।”

“विपक्ष कर रहा है बेवजह का आंदोलन”

गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध को लेकर पटेल ने कहा कि डॉक्टर राकेश बिश्नोई से जुड़ी जिस घटना में चौधरी आरोपी हैं, उसमें पहले ही पीड़ित पक्ष के साथ बैठक कर आपसी समझौता हो चुका था। बावजूद इसके, जांच में जब चौधरी की संलिप्तता पाई गई, तो गिरफ्तारी स्वाभाविक कानूनी प्रक्रिया बन गई।

सचिन पायलट पर भी साधा निशाना

सचिन पायलट द्वारा भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का आरोप लगाए जाने पर पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जो नेता अपने ही समय के मुख्यमंत्री से ‘निकम्मा’ और ‘नकारा’ कहे गए थे, उनके मुंह से ऐसे आरोप शोभा नहीं देते।”

पटेल ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा सरकार पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से कार्य कर रही है और जनकल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह केवल बेबुनियाद आरोप लगाकर राजनीतिक ध्यान खींचना चाहती है।