राजस्थान में राष्ट्रपति शासन जैसे हालात:डोटासरा का भजनलाल सरकार पर तीखा हमला

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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार पर एक बार फिर जोरदार हमला बोला है। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में डेढ़ साल के शासन के बावजूद सरकार जैसा कुछ नजर नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हालात राष्ट्रपति शासन जैसे हो गए हैं।

डोटासरा ने कहा, “मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कोई भूमिका नजर नहीं आ रही है। राज्य में हर वर्ग परेशान है, कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और भ्रष्टाचार का बोलबाला है।”

कृषि संकट और केंद्र पर निशाना

कृषि क्षेत्र की स्थिति पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि इस समय किसानों को खाद और बीज नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पहले पूरे देश में नकली खाद और बीज की बात कह चुके हैं, जो कि केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप है।

डोटासरा ने यह भी कहा, “कृषि मंत्री खुद कह रहे हैं कि नकली खाद-बीज गुजरात से आ रहे हैं। क्या यही है गुजरात मॉडल जिसे देशभर में लागू किया जा रहा है?”

गुजरात से जुड़े आरोप और मुख्यमंत्री की चुप्पी

डोटासरा ने आरोप लगाया कि नकली खाद-बीज, अफीम तस्करी और अवैध शराब जैसे मामलों में गुजरात एक बड़ा स्रोत बन चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार विभागीय समीक्षा कर रहे हैं, तो उन्हें यह जानकारी क्यों नहीं मिली कि राज्य में नकली बीज और खाद खुलेआम बेचे जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कृषि मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हैं कि अधिकारी इस गड़बड़ी में मिले हुए हैं, और उन्हें व्यक्तिगत रूप से छापेमारी करनी पड़ रही है — जो सीधे तौर पर सरकार की नाकामी को दर्शाता है।

“मुख्यमंत्री देव-दर्शन में व्यस्त, लोकतंत्र पर हमला”

डोटासरा ने सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि डेढ़ साल में सरकार नगर निकाय और पंचायत चुनाव तक नहीं करवा सकी है। उन्होंने तंज कसा, “अब ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ मॉडल लाने की बात कर रहे हैं, तो क्या यह भी गुजरात मॉडल है?”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल योग और मंदिरों के दर्शन तक सीमित हैं और जब विपक्ष सवाल करता है, तो सरकार उसके नेताओं को निशाने पर लेती है।

निर्मल चौधरी मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल

राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष निर्मल चौधरी की गिरफ्तारी को लेकर डोटासरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और पुलिस को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया गैरवाजिब था और सरकार इस पर भी चुप्पी साधे हुए है।

डोटासरा ने अंत में सवाल उठाया, “इस सरकार को आखिर चला कौन रहा है?”