कोटा, 13 नवंबर — शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार को खैराबाद पंचायत समिति के उण्डवा गांव में वाटरशेड महोत्सव के राज्य स्तरीय शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के तहत मिनी परकोलेशन टैंक के निर्माण कार्य का श्रमदान कर शुभारंभ किया। मंत्री दिलावर ने गांव तक साढ़े तीन किलोमीटर की पदयात्रा कर निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य शुरू किया।
कार्यक्रम में मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल को एकत्र कर भूजल रिचार्ज बढ़ाने, नदियों-तालाबों के पुनरुद्धार और हरियाली लाने के लिए मिशन वाटरशेड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
दिलावर ने इस मौके पर “विलायती बबूल हटाओ-चारागाह बचाओ” अभियान का आह्वान करते हुए कहा कि जूलीफ्लोरा जैसे विदेशी पौधों ने सैकड़ों देशी वनस्पतियों को खत्म कर दिया है और भूजल स्तर में गिरावट बढ़ाई है। उन्होंने पंचायतों से अपील की कि वे अपने कोष से ऐसे पौधों को समूल नष्ट करें और चरागाहों का विकास करें।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के प्रयासों के तहत रामगंजमंडी क्षेत्र की वर्षों पुरानी पाटली नदी को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे करीब 50 हजार बीघा भूमि सिंचित होगी। साथ ही राज्य में मोबाइल बीज बैंक मॉड्यूल की शुरुआत की गई, जिससे देशी वनस्पतियों के बीज बैंकों की नियमित निगरानी की जा सकेगी।
मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जबकि ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर गांव को स्वच्छ रखने के लिए पंचायतों को हर माह एक से पांच लाख रुपये तक की राशि दे रही है।
वाटरशेड महोत्सव के दौरान देशभर में जल संरक्षण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 15 परियोजनाओं को 20-20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इससे पहले दिलावर ने लक्ष्मीपुरा, देवलीखुर्द, उण्डवा और बंधा गांवों में एनीकट और चेक डेम जैसी संरचनाओं का शिलान्यास किया तथा पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में जल ग्रहण विकास विभाग के निदेशक मोहम्मद जुनैद, जिला परिषद सीईओ कमल मीणा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों के समापन अवसर पर मंत्री दिलावर ने बताया कि खैराबाद क्षेत्र के शिविरों में 70 से 75 प्रतिशत आवेदनों का निस्तारण मौके पर ही किया गया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं 80% शिविरों में उपस्थित रहे और अधिकारियों को 15 दिन में शेष मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि “निस्तारण का अर्थ केवल फाइल बंद करना नहीं, बल्कि जनता को संतोषजनक समाधान देना है।” उन्होंने खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आवास, और राजस्व से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जबकि उपस्थित जनसमूह ने दिल्ली आतंकी घटना में मारे गए लोगों को दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

