कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर कड़ा जवाब दिया है। गोदारा ने कहा कि गहलोत इन दिनों केवल बयानबाज़ी तक सीमित रह गए हैं और कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद देश में अब तक 11 बार एसआईआर प्रक्रिया हुई है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस शासन के दौरान हुई। गोदारा ने सवाल उठाया कि उस समय यदि कांग्रेस नेताओं को आपत्ति थी तो इसकी जिम्मेदारी किसकी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था—भारत निर्वाचन आयोग—द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया है, ऐसे में अधिकारियों पर दबाव डालने के आरोप निराधार हैं।
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को प्रभावित करने के आरोप स्वयं अशोक गहलोत पर उनके ही ओएसडी द्वारा लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे गहलोत को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। गोदारा ने दावा किया कि इस तरह के आरोपों से जनता में भ्रम फैलता है और इसी कारण कांग्रेस को देशभर में जनता ने नकार दिया है।

