जोधपुर:-राजस्थान के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर में अफसरशाही पर खुलकर नाराज़गी जाहिर की है। सोमवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री पटेल ने कहा कि “अधिकारी निरंकुश हो गए हैं, थोथे दावे करते हैं लेकिन काम नहीं हो रहा।” उन्होंने स्वीकार किया कि काम की धीमी गति और बदहाल हालात प्रशासन की कार्यशैली का नतीजा हैं।
मंत्री पटेल ने कहा कि अब सरकार खुद फील्ड में उतरकर अधिकारियों के साथ मिलकर काम कराएगी। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच दिन में कई इलाकों में हालात बदलते नजर आएंगे और जोधपुर को फिर से “ग्रीन एंड क्लीन” शहर बनाया जाएगा।
बासनी में नाले की सफाई पर भी जताई नाराज़गी
रविवार को बासनी इलाके के दौरे के दौरान मंत्री ने पाया कि बारिश का मौसम होने के बावजूद नाले साफ नहीं किए गए हैं। इस पर स्थानीय लोगों ने उनसे नाराज़गी जताई। मंत्री ने मौके पर अधिकारियों को बुलाकर फटकार लगाई और निर्देश दिए कि जब तक नाले की सफाई पूरी नहीं होती, जलभराव से निपटने के लिए वैकल्पिक इंतज़ाम किए जाएं।
जोधपुर में लगे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के पोस्टर
इस बीच जोधपुर में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के पोस्टर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। यह पहली बार है जब पूर्वी राजस्थान के किसी नेता के पोस्टर पश्चिमी राजस्थान के शहर में नजर आए हैं। माना जा रहा है कि इससे यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि मीणा किसानों के लिए सबसे ज़्यादा सक्रिय मंत्री हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जोगाराम पटेल ने कहा, “सभी मंत्री अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं। कोई कार्यालय में काम करता है, तो कोई फील्ड में।”
कांग्रेस के आरोपों पर भी बोले मंत्री
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा नकली खाद-बीज के मामले पर लगाए गए आरोपों को लेकर मंत्री पटेल ने कहा कि यह सब कांग्रेस के शासन में पनपी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, लेकिन मौजूदा सरकार उसे जड़ से खत्म करने में जुटी है।
जोधपुर के लोगों की बढ़ती परेशानी
शहर के बनाड़ रोड सहित कई इलाकों में अधूरे विकास कार्यों से लोग परेशान हैं। बनाड़ रोड पर एक साल से सड़क निर्माण अधूरा है, जिससे बारिश में वहां तलाब जैसी स्थिति बन जाती है। इसी तरह बासनी समेत कई अन्य क्षेत्रों में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मानसून में पानी भरने की आशंका बनी हुई है।
मंत्री ने कहा कि अब अधिकारियों को फील्ड में उतारकर ज़िम्मेदारी तय की जाएगी और शहर के हालात में सुधार लाया जाएगा।

