बिश्केक: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों, यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में सवार होकर बिश्केक एरीना में आयोजित छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में पहुंचे।
करीब 10 मिनट चली इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत के रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और दुनिया को लगातार चलने वाले युद्धों से आगे बढ़कर उनके अंत की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध में बीतने वाला हर दिन मानवता को पीछे ले जाता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद पैदा करता है। उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की जरूरत है।
यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत इस मुद्दे पर रूस के साथ पहले भी लगातार चर्चा करता रहा है और आगे भी शांति के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने भारत को महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध की भूमि बताते हुए शांति के रास्ते को दोनों की साझा विरासत से जोड़ा।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। इससे पहले 2022 में समरकंद में हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा था कि “आज का युग युद्ध का नहीं है।”
पुतिन ने मोदी के नेतृत्व की सराहना की
बैठक की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत ध्यान और नेतृत्व की सराहना की।
पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के संबंध “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” के सिद्धांतों पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत-रूस संबंधों पर विशेष ध्यान और दोनों नेताओं के बीच बने व्यावसायिक और मैत्रीपूर्ण संबंध इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
पुतिन ने SCO की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि संगठन ग्लोबल साउथ और ईस्ट के देशों के बीच संपर्क बढ़ाने, क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान दे रहा है।
व्यापार और छात्रों की संख्या का भी जिक्र
रूसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों में सकारात्मक रुझान का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में भारत और रूस के बीच व्यापार कारोबार में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पुतिन ने कहा कि रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या हाल के वर्षों में सात गुना बढ़कर करीब 40 हजार हो गई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में भी 16 प्रतिशत की वृद्धि का जिक्र किया।
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस संयुक्त राष्ट्र, BRICS, G20 और SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने प्रयासों का समन्वय करते हैं।
सितंबर में BRICS सम्मेलन का न्योता
पुतिन ने सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने हाल में विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि रूस इस सम्मेलन की तैयारियों में गंभीरता से जुटा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी राष्ट्रपति पुतिन को सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और रूस अपने राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे हैं। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच मानवीय, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं।
बैठक के बाद मोदी और पुतिन का एक ही कार में विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए पहुंचना दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत गर्मजोशी और भारत-रूस संबंधों की करीबी को दिखाने वाला दृश्य रहा।

