भारत-इटली संबंधों को मिला ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा,AI और स्पेस टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर जोर

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रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई वार्ता में भारत और इटली ने अपने संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” तक उन्नत करने की घोषणा की।

संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इटली संयुक्त नागरिकता कार्य योजना 2025-2029 दोनों देशों के संबंधों को “व्यावहारिक और भविष्य केंद्रित ढांचा” प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम यांत्रिकी, अंतरिक्ष, सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा और उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रदूषण, उद्योग और शोध इकाइयों को जोड़ने के लिए “इंडिया-इटली पुनर्वास केंद्र” स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। उनके अनुसार, इटली की डिजाइन और मूल्य निर्धारण क्षमता तथा भारत की स्केल, प्रतिभा और किफायती नवाचार क्षमता मिलकर वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा कर सकती हैं।

दोनों नेताओं ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, नीली अर्थव्यवस्था, बंदरगाह आधुनिकीकरण और लॉजिस्टिक्स में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली अफ्रीका सहित तीसरे देशों में भी संयुक्त परियोजनाओं पर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार 20 अरब यूरो के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और भारत में कार्यरत 800 से अधिक इतालवी कंपनियां भारत की विकास यात्रा में भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को जल्द लागू करने की दिशा में इटली के सहयोग की भी सराहना की।