कोटा में गौ संरक्षण को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। झलावाड़ से ब्यावर जाते समय कोटा के हैंगिंग ब्रिज के पास उन्होंने सनातन गोरक्षा सेवा समिति से जुड़े गौरक्षकों से मुलाकात की और कहा कि वह सनातनी हैं तथा गौमाता के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वसुंधरा राजे ने कहा कि जनता लगातार आवाज उठा रही है लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “जनता चुस्त है और अफसर सुस्त, ऐसा नहीं चलेगा।” गौरक्षकों ने उन्हें बताया कि कोटा में मृत गायों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार नहीं हो रहा और मृत गायों की आड़ में जीवित गायों की हत्या कर गौमांस बेचने के आरोप भी लगाए गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वसुंधरा राजे ने मौके पर ही कोटा रेंज के डीआईजी राजेंद्र गोयल और एसपी तेजस्विनी गौतम को बुलाया और पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दोषियों को दंडित किया जाएगा और गौमाता का विधि-विधान से अंतिम संस्कार सुनिश्चित किया जाएगा।

