महाराष्ट्र के सातारा ज़िले में फलटण के होटल में आत्महत्या करने वाली महिला डॉक्टर के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने डॉक्टर के मकान मालिक के बेटे प्रशांत बांकर को हिरासत में लिया है। उस पर रेप और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
23 अक्टूबर को डॉक्टर ने होटल के कमरे में फांसी लगाकर जान दी थी। उसके हाथ पर लिखा नोट मिला था, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। साथ ही सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने का नाम भी लिखा था, जिस पर रेप और फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप है।
डॉक्टर ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि सांसद के दो निजी सहायक अस्पताल आए थे और अन्य आरोपियों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के लिए दबाव बना रहे थे। मना करने पर सांसद ने खुद उसे फोन किया था।
डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया कि उस पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने और गिरफ्तार आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर का दबाव डाला जा रहा था। उन्होंने पहले ही शिकायत की थी कि यदि उसके साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर बीड जिले की रहने वाली थी और फलटण तहसील के सरकारी अस्पताल में कार्यरत थी। होटल स्टाफ ने जब दरवाजा नहीं खुला तो दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला गया, जहां वह फांसी पर लटकी मिली।
इस घटना के बाद मुंबई के KEM अस्पताल के बाहर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया।
राजनीतिक दलों ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया, वहीं महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकनकर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
भाजपा नेता चित्रा वाघ और मंत्री पंकजा मुंडे ने निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि शिवसेना (UBT) ने इस मामले में स्वतंत्र SIT जांच की अपील की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोपी पुलिस अधिकारी गोपाल बदने को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच तेज़ी से चल रही है और अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

