संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को बिहार में चल रहे वोटर वेरिफिकेशन अभियान के खिलाफ विपक्षी दलों ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई सांसदों ने गांधी प्रतिमा से नए संसद भवन के मकर द्वार तक पैदल मार्च निकाला।
मकर द्वार पर पहुंचकर विपक्षी सांसदों ने “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) के खिलाफ नारेबाजी की, पोस्टर फाड़े और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से डस्टबिन में डालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान ‘मोदी सरकार हाय-हाय’ जैसे नारे भी लगे।
लोकसभा में भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट बाद ही स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ओम बिड़ला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें 28 जुलाई से सदन को सुचारू रूप से चलाने और “ऑपरेशन सिंदूर” पर चर्चा करने पर सहमति बनी।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “वे गरीबों को उनके वोटिंग अधिकार से वंचित करना चाहते हैं और सिर्फ अमीरों को मतदान की इजाजत देना चाहते हैं। यह संविधान का उल्लंघन है। हम SIR के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”
बिहार में चल रहा SIR अभियान इस समय सियासी बहस का केंद्र बना हुआ है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर मतदाता सूची में ‘जानबूझकर छेड़छाड़’ करने का आरोप लगा रहा है।

