प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला सांसदों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर 17 दिन बाद प्रतिक्रिया दी है। मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए पहले जनता का विश्वास जीतना पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि महिला सांसदों को आगे कर सीट पर कब्जा कर कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। उन्होंने कहा, “क्या आप इतने खोखले हो गए हैं कि माताओं-बहनों को इसके लिए आगे कर रहे हैं?”
उन्होंने कांग्रेस को “देश पर बोझ” बताते हुए कहा कि उसके कुछ नेता “बेलगाम” हो चुके हैं और देशहित के बजाय राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मीडिया से अपील की कि कांग्रेस की आलोचना को पूरे विपक्ष पर हमले के रूप में प्रस्तुत न किया जाए। उनके अनुसार, “पाप कांग्रेस करती है और भुगतना उसके साथियों को पड़ता है।”
यह बयान 4 फरवरी की उस घटना के संदर्भ में आया है, जब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब से पहले विपक्ष की महिला सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया था और प्रधानमंत्री की निर्धारित सीट के पास पहुंच गई थीं। हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी।
अगले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंचना सदन की मर्यादा के खिलाफ था और किसी अप्रत्याशित घटना की आशंका को देखते हुए कार्यवाही रोकी गई।
इस बीच, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है। पार्टी नेता प्रियंका गाँधी ने कहा कि यह दावा “पूरी तरह झूठ और निराधार” है कि महिला सांसद प्रधानमंत्री पर हमला करने वाली थीं।
मेरठ में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने एक एआई सम्मेलन में कथित विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया और कांग्रेस पर “गंदी राजनीति” करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने उसी दिन मेरठ में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजना का उद्घाटन भी किया

