नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए महिलाओं की भूमिका और भागीदारी को भारत के विकास के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि देश 21वीं सदी के एक बड़े फैसले के करीब है, जो नारी शक्ति को समर्पित है।
बैसाखी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने जलियांवाला बाग के शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए एक नया इतिहास रचा जा रहा है, जो दशकों से चली आ रही मांग को पूरा करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं की भागीदारी लोकसभा और विधानसभा में बढ़ेगी और लोकतंत्र और मजबूत होगा। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने जनप्रतिनिधियों से संवाद करें।
नरेंद्र मोदी ने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उदाहरण बताते हुए कहा कि देश में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय निकायों में कार्य कर रही हैं और कई राज्यों में उनकी भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि इससे शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता बढ़ी है और जल, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बेहतर काम हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को जीवन के हर चरण में समर्थन देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जन धन योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंक खाते, स्वरोजगार और आवास जैसी सुविधाएं दी गई हैं। स्टार्टअप और उद्यमिता में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं उन क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं, जिन्हें पहले पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था, जैसे रक्षा, विज्ञान और विमानन। उन्होंने कहा कि भारत में महिला पायलटों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है और उच्च शिक्षा में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
महिलाओं की सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने कानूनों में सुधार, फास्ट ट्रैक कोर्ट और नई न्याय संहिता के जरिए सुरक्षा को मजबूत किया है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नारी शक्ति ने मेहनत और आत्मविश्वास से नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और अब समय है कि उन्हें और अधिक अवसर देकर सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी ही देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

