पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेदिनीपुर और झारग्राम में चुनावी रैलियों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राज्य में “डबल इंजन सरकार” बनाने की अपील करते हुए किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई वादे किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो केंद्र और राज्य मिलकर किसानों के खातों में सीधे ₹9,000 की सहायता राशि जमा करेंगे और कृषि बाजारों से बिचौलियों को हटाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
TMC सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में “लूट और भ्रष्टाचार का तंत्र” विकसित हुआ है। उन्होंने इसे “महा जंगलराज” करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और राहत कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने विपक्ष, खासकर TMC, को घेरा। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयास का विरोध किया गया, जिससे “बंगाल की महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल सका।”
इसके साथ ही मोदी ने आरोप लगाया कि OBC आरक्षण को लेकर भी राज्य सरकार “संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ” काम कर रही है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के अनुरूप नहीं है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और “रोजगार मेला” के जरिए नियुक्तियां देने का वादा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर “भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से हिसाब लिया जाएगा।”
रैलियों के दौरान मोदी ने मतदाताओं से बदलाव की अपील करते हुए कहा कि इस बार चुनाव “जनता खुद लड़ रही है” और राज्य में सत्ता परिवर्तन की मांग तेज हो रही है।
पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को निर्धारित है। मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में हैं, वहीं भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरा जोर लगा रही है।

