पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कृष्णानगर और मथुरापुर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में “परिवर्तन की आंधी” चल रही है और 4 मई को चुनाव परिणाम आने के साथ ही “सिंडिकेट और जंगलराज का अंत” हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और “हर काम में कट मनी” ली जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं और युवाओं ने टीएमसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जो बदलाव का संकेत है।
उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी ने संसद में महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव का विरोध किया और “बंगाल की महिलाओं के अधिकार छीने।” हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि उन्होंने महिला आरक्षण का विरोध नहीं, बल्कि उससे जुड़े परिसीमन के तरीके का विरोध किया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अधिक मतदान यह दर्शाता है कि “डर हार रहा है और विश्वास जीत रहा है।” उन्होंने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे “निर्दयी सरकार को उखाड़ फेंकने” के लिए मतदान करें।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर मतुआ और नामशूद्र समुदाय सहित शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी और राज्य में सुशासन की नई शुरुआत होगी।
प्रधानमंत्री ने राज्य के मछुआरों और स्थानीय उद्योगों के विकास का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल को फिश एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान में 77 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया है। राज्य में अगले चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

