लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि नॉर्थईस्ट के लोगों को हिंसा और नफरत का जवाब हिंसा से नहीं देना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा में राहुल गांधी ने कहा कि विक्रम सिंह पर हमला सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वे मणिपुर से थे। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान या उसके मूल स्थान के आधार पर हिंसा किया जाना गंभीर चिंता की बात है।
राहुल गांधी ने कहा कि ताकतवर होने के नाम पर हिंसा और दबदबे की सोच को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नॉर्थईस्ट समुदाय से अपील की कि वे गुस्से और नफरत के बजाय अपनी प्रतिभा, विचारों और पहचान के जरिए इसका जवाब दें।
क्या हुआ था?
54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह की दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में कथित मारपीट के बाद मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर की रात सिंह ने अपने घर के बाहर शोर कर रहे कुछ लोगों को लेकर आपत्ति जताई थी।
आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनका पीछा किया और इमारत में तीन मंजिल तक ले जाकर उनके साथ मारपीट की। गंभीर चोटों के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए हैं और मामले की जांच जारी है।
नॉर्थईस्ट समुदाय की सुरक्षा पर सवाल
विक्रम सिंह की मौत के बाद दिल्ली में रहने वाले मणिपुरी और अन्य नॉर्थईस्ट समुदाय के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। परिवार और समुदाय से जुड़े लोगों ने घटना के बाद सम्मान, समानता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट में भी विक्रम सिंह के परिवार के प्रति संवेदना जताई थी और कहा था कि उनकी संगीत और स्मृतियां उन्हें जानने वाले लोगों के बीच बनी रहेंगी।

