उत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड, हिमाचल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों का सिलसिला जारी है।
उत्तरकाशी में पुल बहा, बद्रीनाथ हाईवे बंद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी इलाके में भारी बारिश के चलते एक पुल बह गया, जिससे क्षेत्र का सड़क संपर्क टूट गया है। पुलिस के मुताबिक, मरम्मत और नया पुल बनाने का काम तेजी से जारी है।
वहीं, श्रीनगर में मूसलधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन की वजह से बद्रीनाथ हाईवे बंद हो गया है। एहतियातन वाहनों को रोक दिया गया है। मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन लगातार बारिश से रुकावटें आ रही हैं।
हिमाचल में भूस्खलन और बाढ़ से 82 की मौत
हिमाचल प्रदेश में 20 जून से 6 जुलाई के बीच बादल फटने की 19, बाढ़ की 23 और भूस्खलन की 19 घटनाएं दर्ज की गईं हैं। इन हादसों में अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में 269 सड़कें अभी भी बंद हैं और कई इलाकों में यातायात बाधित है।
मध्य प्रदेश के शहडोल में 4 इंच बारिश, हजारों घरों में घुसा पानी
मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश हो रही है। शहडोल जिले में बीते 24 घंटों में 4 इंच बारिश दर्ज की गई। रात के समय 3 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है।
अयोध्या में खतरे के निशान के करीब पहुंची सरयू नदी
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल यह 91.35 मीटर पर पहुंच चुका है, जो चेतावनी स्तर 91.55 मीटर से महज 20 सेमी नीचे है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 24 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यदि इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो आज रात तक चेतावनी स्तर पार हो सकता है।
बारिश से उपजी स्थिति पर सतर्कता बढ़ाई गई
प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रभावित राज्यों में राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश का अनुमान जताया है, ऐसे में लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

