राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही कुल 66 मिनट ही चल सकी। कांग्रेस विधायकों ने कई मुद्दों को लेकर विरोध किया, जबकि हंगामे के बीच सरकार ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी से जुड़ा बिल सदन में पेश किया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कांग्रेस विधायकों को विधानसभा परिसर के गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला भी उठाया और इस पर चर्चा की मांग की।
स्पीकर ने प्रश्नकाल के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ पोस्टर भी लहराए। जवाब में भाजपा विधायकों ने भी नारेबाजी की।
दो बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद हंगामे के बीच यूसीसी बिल सदन में पेश किया गया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया और अंततः विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

