राजस्थान सरकार ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के कार्यकाल में एक वर्ष के सेवा विस्तार का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने 24 जुलाई को यह प्रस्ताव भेजा। यदि केंद्र से मंजूरी मिलती है तो 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले श्रीनिवास एक वर्ष तक अपने पद पर बने रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी मुख्य सचिव को सेवा विस्तार के प्रस्ताव की जानकारी दी है। वी. श्रीनिवास ने 17 नवंबर 2025 को राजस्थान के मुख्य सचिव का पद संभाला था। इससे पहले वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे।
सरकारी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि सेवा विस्तार के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां, ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए निवेश समझौतों के क्रियान्वयन की निगरानी और प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि श्रीनिवास केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में सेवा विस्तार की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
हालांकि, सेवा विस्तार का अंतिम फैसला केंद्र सरकार को करना होगा। प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार का प्रस्ताव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पास भेजा जाता है। इसके बाद नियुक्ति एवं सेवा विस्तार समिति की मंजूरी के उपरांत निर्णय लिया जाता है।
यदि वी. श्रीनिवास को एक वर्ष का सेवा विस्तार मिलता है, तो राजस्थान के अगले मुख्य सचिव की दौड़ फिलहाल टल सकती है। इस दौड़ में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रजत कुमार मिश्र, अभय कुमार और अपर्णा अरोड़ा के नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।
राजस्थान में इससे पहले भी तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्य सचिव उषा शर्मा को सेवानिवृत्ति से पहले छह महीने का सेवा विस्तार मिला था। ऐसे में प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि वर्तमान प्रस्ताव पर भी केंद्र के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।

