अलवर । नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने आज मोती डूंगरी स्थित कार्यालय पर प्रेस को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और BJP नेताओं पर जमकर हमला बोला।
जूली ने आरोप लगाया कि जिले में न तो सफाई है और न ही कानून का राज बचा है।
उन्होंने कहा कि सफेदपोश लोग ही अलवर में अवैध खनन पनपाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब बाड़ ही खेत को ही खाने लग जाएगी तो बचेगा क्या। जूली ने आरोपों की झड़ी लगाते हुए कहा कि भाजपा के MLA गौशाला के नाम पर जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। आम आदमी करे तो दिक्कत है, लेकिन MLA ही कर रहा है तो सब को सांप सूंघ गया है।
उन्होंने प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन ने आंखें बंद कर रखी हैं। इन लोगों को कुछ दिखता ही नहीं। इन्हें सिर्फ भूपेंद्र यादव जी दिखते हैं। जिस दिन वो आ जाते हैं उस दिन हाजरी के लिए बेकार खड़े रहते हैं, जवाब देने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि अलवर का प्रशासन जी हजूरी के चक्कर में पूरी तरह फेल हो चुका है।
उन्होंने अलवर की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का दावा करने और स्वच्छता रैंक में आंकड़ों की बाजीगरी करने वाले अलवर जैसे जिले में न सफाई व्यवस्था है, न कानून व्यवस्था। हालत यह हो चुके है, कोई देखने वाला ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव अलवर में जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग करें। ये मीटिंग-मीटिंग का खेल चल रहा है, इससे काम होने वाला नहीं है। धरातल पर जाकर देखिए आखिर हो क्या रहा है।
जूली ने अवैध खनन को लेकर उठाए सवाल, बोले सफेदपोश लोगों के संरक्षण में चल रहा है काम
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि बड़े लोगों के संरक्षण के चलते अवैध खनन पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने कहा कि खनन के खिलाफ भी हम लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। जब बड़े लोगों का संरक्षण प्राप्त हो और एक पुलिस अधिकारी यह कहे कि हम कोई कार्यवाही नहीं कर पाएँगे, तो यह बड़ी चिंता का विषय है।
उन्होंने देश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री दोनों के अलवर से होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके होते हुए अगर यहाँ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है और अवैध खनन हो रहा है, तो उंगली उन्हीं की तरफ उठेगी।
उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य दोनों पर्यावरण मंत्रियों को अलवर आकर बैठक लेनी चाहिए और अवैध खनन के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जूली बोले गांधी के देश में अनशनकारी से अपराधियों जैसा व्यवहार, सरकार कर रही तानाशाही
नेता प्रतिपक्ष ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर कहा कि गांधी जी के देश में गांधी जी की तरह अगर कोई अनशन करता है, तो उसको इस तरीके से उठाया गया है जैसे वो कोई अपराधी हो। ये लोकतांत्रिक तरीका नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है उसने देश और दुनिया में अपना नाम किया है और भारत के लिए नवाचार किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पहली बार नहीं है जब उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। इससे पहले भी देशद्रोह का केस लगा कर उनको जेल में डाल दिया, बाद में माफी मांगते हुए उनको उस केस से बरी करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि ये अनशन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर था क्योंकि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए 20 दिनों के अंदर सरकार को जाकर वार्ता करनी चाहिए थी और धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेना चाहिए था।
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ समय से देश के लोगों का बहुत बड़ा समर्थन उनको मिल रहा है और 20 जुलाई से लोकसभा का सत्र आ रहा है, 20 तारीख को एक बड़ी कॉल भी थी। इसी वजह से इन लोगों ने तानाशाही पूर्वक रवैया अपनाया है।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम को “गुंडागर्दी” करार देते हुए कहा कि जिस प्रकार से चद्दर के अंदर लपेट कर ले गए हैं।चद्दर लगा कर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई है, जैमर लगाकर कनेक्टिविटी रोक दी गई,वो तो ऐसा लग रहा था जैसे कि उनको बचाने नहीं, मारने आए हों।
री नीट के बाद भी ऐसी धांधली निश्चित तौर पर करती है संदेह पैदा
अलवर के पड़ीसल के पास रहने वाली एक छात्रा ने री नीट परीक्षा के बाद NTA पर गंभीर आरोप लगाए और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से न्याय की गुहार की। छात्रा ने परीक्षा में ओएमआर सीट बदलने का आरोप लगाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बड़ा मामला है।
री नीट के बाद भी यदि इस तरह की धांधली हो रही है तो यह सरकार पर निश्चित ही संदेह पैदा करता है, इस मामले की अब और बड़ी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

