जयपुर, 11 अक्टूबर 2026: राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार को अपना ‘ग्राम विकास संकल्प पत्र’ जारी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर स्थित पार्टी मुख्यालय में इसका विमोचन किया। इस मौके पर नवनिर्मित ‘सेवा संकल्प सभागार’ का भी उद्घाटन किया गया।
बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं में सुधार, युवाओं के लिए खेल मैदान और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। पार्टी का कहना है कि गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित कर ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, सह प्रभारी कविता पाटीदार और कुलदीप सिंह चहल सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
‘विकसित गांव ही विकसित भारत का आधार’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांवों और ढाणियों का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनावों में विकास का संकल्प पत्र लेकर जनता के बीच जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए भी इसी आधार पर योजनाएं बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, गांवों में शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, तो लोगों को बेहतर अवसरों की तलाश में शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होगी।
उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम सभाओं में भाग लेकर अपने गांव की जरूरतों और विकास से जुड़े सुझाव देने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बजट तैयार करने से पहले किसानों, पशुपालकों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों से सुझाव लेती है। इसी तरह गांवों के विकास से जुड़े फैसलों में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है।
हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र बनाने का संकल्प
बीजेपी ने ग्राम विकास संकल्प पत्र में ग्रामीण युवाओं की शिक्षा और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने का संकल्प लिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
ग्रामीण युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। इन केंद्रों में ई-लाइब्रेरी, इंटरनेट और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 3,000 अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई थी, जिनमें से 650 केंद्र तैयार हो चुके हैं। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास संकल्प पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी और जरूरतों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और उपस्वास्थ्य केंद्रों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को उनके आसपास ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे सामान्य इलाज के लिए उन्हें शहरों का रुख न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बढ़ाना भी ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से ग्रामीण परिवारों के बच्चों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों में रहने और पढ़ाई पर अतिरिक्त खर्च करने की मजबूरी कम हो सकती है।
किसानों की सम्मान निधि 12 हजार रुपये करने की बात
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए दी जा रही सम्मान निधि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों को 9,000 रुपये की सम्मान निधि दी जा रही है, जिसे बढ़ाकर 12,000 रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।
उन्होंने राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते, नर्मदा समझौते और किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राजस्थान में जलापूर्ति बढ़ाने और किसानों सहित ग्रामीण आबादी को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के माध्यम से जल संरक्षण और भूजल स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण, नमो नर्सरी और स्थानीय उद्योगों तथा उत्पादों को प्रोत्साहन देने की पहल भी उनके संबोधन का हिस्सा रही।
गरीब कल्याण योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), खाद्य सुरक्षा योजना और पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटरनरी वैन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के समय जारी भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल लगभग 78 प्रतिशत कार्य सरकार ने करीब पौने तीन साल की अवधि में पूरे कर लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास संकल्प पत्र केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सुविधासंपन्न बनाने की दिशा में तैयार किया गया रोडमैप है। हालांकि, संकल्प पत्र में किए गए वादों को किस समयसीमा में पूरा किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी उनके संबोधन में सामने नहीं आई।
मदन राठौड़ बोले- गांवों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने गांवों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों के समान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों का जीवन आसान होगा और गांवों की समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि विकसित गांवों का निर्माण इस दिशा में जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और उसके समर्थित प्रत्याशियों को 309 में से 209 निकायों में जीत मिली है और पार्टी पंचायत चुनावों में भी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी।
उन्होंने ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने से चुनावी खर्च कम हो सकता है और जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिल सकता है।
बीजेपी का कहना है कि ग्राम विकास संकल्प पत्र का उद्देश्य विकास का लाभ शहरों तक सीमित रखने के बजाय हर गांव और ढाणी तक पहुंचाना है। आगामी पंचायत चुनावों में पार्टी अपने इन वादों और ग्रामीण विकास के एजेंडे को लेकर मतदाताओं के बीच जाएगी।

