जयपुर, 26 नवम्बर। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेरे अफसर-तेरे अफसर करना भारतीय ब्यूरोक्रेसी का अपमान है। नौकरशाही किसी नेता या किसी दल की नहीं होती है। अधिकारी सरकार के होते हैं।
गहलोत जी एवं कांग्रेस ने संवैधानिक संस्थाओं को भी नहीं छोड़ा तो ब्यूरोक्रेसी को निशाने पर भी लेंगे ,उसे निशाने पर लेना बंद करें।
तिवाड़ी ने कहा कि गहलोत सुर्खियों में रहने के लिए झूठी बयानबाजी कर रहे हैं। हमारी सरकार ने जनकल्याण की कोई भी योजना को बंद नहीं किया हैं, जबकि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को बेहतरी से लागू किया जा रहा है। यह जरूर है कि कांग्रेस की पेपर लीक की योजना को हमने बंद किया है और वह अब कभी भी चालू नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि गहलोत जी सीकर में बयान दे रहे हैं तो इस बात का जवाब ज़रूर दें कि शेखावाटी में यमुना का पानी लाने के लिए उन्होंने क्या किया। गहलोत जी जितनी ऊर्जा झूठी बयानबाज़ी में लगा रहे हैं, उसका एक प्रतिशत भी अगर अपनी सरकार में काम करने में लगाई होती तो आज शेखावाटी में यमुना का पानी पहुँच चुका होता।
उन्होंने कहा कि गहलोत जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए 15 साल तक शेखावाटी को यमुना जल से वंचित रखा और एक भी पत्राचार नहीं किया। शेखावटी के लोगों को पानी चाहिए, भाषण नहीं। भजनलाल सरकार ही है जिसने शेखावटी की इस अधूरी आस को पूरा करने की पहल की है।

