जयपुर/ जोधपुर,19 जनवरी। डूंडलोद में 17 एवं 18 जनवरी को आयोजित राष्ट्रीय एंड्योरेंस चैंपियनशिप (80 किमी) में जयपुर स्थित रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब की टीम ने टीम स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता है। चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर क्लब के मधुसूदन सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल जीता, वहीं दुष्यंत सिंह मेड़तिया चतुर्थ स्थान पर रहे।
रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब जयपुर के डायरेक्टर मुकेश सिंह शक्तावत ने बताया कि इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया की मेजबानी में डूंडलोद में
राष्ट्रीय एंड्योरेंस चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था, इसमें देश के विविध स्थानों से घुड़सवार प्रतिस्पर्धा में शामिल हुए। राष्ट्रीय एंड्योरेंस चैंपियनशिप (80 किमी) के टीम इवेंट में रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब, जयपुर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान अर्जित कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। टीम में शामिल राइडर दुष्यंत सिंह मेड़तिया (जोधपुर) पुखराज शेखावत, कीर्ति सिंह, हरभजन सिंह एवं मधुसूदन सिंह ने बेहतरीन तालमेल और सामूहिक रणनीति के साथ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया।
मधुसूदन को ब्रॉन्ज, दुष्यंत को चौथा स्थान
जयपुर रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब की ओर से खेलते हुए व्यक्तिगत स्पर्धा में मधुसूदन सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल जीता, वहीं दुष्यंत सिंह मेड़तिया चतुर्थ स्थान पर रहे। दुष्यंत सिंह सिर्फ 22 सेकंड से पदक से चुके। रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब के खिलाड़ियों ने टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई। टीम की सधी हुई राइडिंग शैली, जबरदस्त धैर्य और सटीक रणनीतिक समझ ने टीम को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि दिलाई। देशभर से पहुंचे घुड़सवार राष्ट्रीय एंड्योरेंस चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों से आए घुड़सवारों ने व्यक्तिगत एवं टीम इवेंट में भाग लिया। प्रतियोगिता के समापन पर विजेताओं को पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अन्य प्रतिभागियों की भी रही सक्रिय भागीदारी
राष्ट्रीय एंड्योरेंस चैंपियनशिप के दौरान रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब, जयपुर की ओर से हर्षवर्धन, शैतान राम एवं हिमांशु ने भी प्रतियोगिता में सक्रिय सहभागिता निभाई और टीम के समग्र प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।
प्रतियोगिता के दौरान रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब के डायरेक्टर कैप्टन मुकेश सिंह शक्तावत स्वयं भी मैदान पर उपस्थित रहे। उनकी तकनीकी मार्गदर्शन, रणनीतिक निगरानी एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन में निर्णायक साबित हुआ।

