जयपुर, 13 अक्टूबर — राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में सियासी और संगठनात्मक टकराव लगातार गहराता जा रहा है। एडहॉक कमेटी के संयोजक दीनदयाल कुमावत ने स्वास्थ्य मंत्री के बेटे धनंजय सिंह खींवसर की अध्यक्षता वाले जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की मान्यता रद्द करने की घोषणा की है।
कुमावत ने आरोप लगाया कि RCA संविधान और राजस्थान खेल अधिनियम 2005 के नियमों का उल्लंघन करते हुए धनंजय सिंह एक साथ नागौर और जोधपुर जिला क्रिकेट संघों के अध्यक्ष बने हुए थे, जो नियमानुसार संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि RCA ने पहले ही जोधपुर जिला क्रिकेट संघ की सदस्यता समाप्त कर मामले को लोकपाल के पास भेज दिया था।
संयोजक कुमावत ने बताया कि 12 अक्टूबर को बुलाई गई एडहॉक कमेटी की बैठक अवैध थी, क्योंकि इसे उनकी जानकारी या सहमति के बिना आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, “संविधान के अनुसार किसी भी बैठक को बुलाने का अधिकार केवल संयोजक या अध्यक्ष के पास होता है। इसलिए उस बैठक में पारित सभी प्रस्ताव शून्य और प्रभावहीन हैं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि RCA की वार्षिक साधारण सभा (AGM) 5 सितंबर 2025 को विधिवत नोटिस के साथ आयोजित की गई थी, जिसमें लोकपाल की नियुक्ति का अधिकार उन्हें सर्वसम्मति से दिया गया था। इसलिए नई बैठक में पारित प्रस्तावों का कोई वैधानिक आधार नहीं है।
कुमावत ने तीन अन्य जिला क्रिकेट संघों — प्रतापगढ़ (पिंकेश जैन), अलवर (मोहित यादव) और सीकर (आशीष तिवारी) — के खिलाफ भी RCA संविधान के उल्लंघन के आरोप में लोकपाल से शिकायत की है। इन जिलों पर अब जांच और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे धनंजय सिंह खींवसर की “व्यक्तिगत नाराजगी और प्रतिशोध की भावना” है। कुमावत ने कहा, “धनंजय मेरे भाई हैं, लेकिन एक व्यक्ति दो जिलों का पदाधिकारी नहीं बन सकता। कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ही यह निर्णय लिया गया है।”
फिलहाल, धनंजय सिंह खींवसर की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

