सचिन पायलट का केंद्र और राजस्थान सरकार पर हमला,बोले- संवाद की जगह युवाओं की आवाज दबाई जा रही है

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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने शिक्षा, पेपर लीक, सोनम वांगचुक के अनशन और राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद और जवाबदेही के बजाय युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

जयपुर में एनएसयूआई के ‘छात्र-संविधान संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक संगठित तंत्र की विफलता हैं और इसकी जवाबदेही शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी गंभीर चुनौती बनी हुई है और सरकार को युवाओं के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली तथा रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने चाहिए। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि यदि सरकार उनकी सेहत को लेकर गंभीर थी तो सबसे पहले उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था। उनके अनुसार, संवाद के बजाय दमनात्मक कार्रवाई का रास्ता अपनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

राजस्थान में पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनावों को लेकर भी पायलट ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न कारणों का हवाला देकर चुनाव टाल रही है, जबकि उच्च न्यायालय भी चुनाव कराने की आवश्यकता पर टिप्पणी कर चुका है।

इससे पहले टोंक में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सचिन पायलट ने पेयजल, बिजली आपूर्ति और लंबित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जलापूर्ति का अंतराल कम करने, जरूरत पड़ने पर टैंकरों से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने, सड़कों की मरम्मत और अधूरी परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का जल्द उद्घाटन किया जाए ताकि आम लोगों को उनका लाभ मिल सके।