चित्तौड़गढ़:12 टन फूलों से सजा सांवलिया सेठ मंदिर,भक्ति और भव्यता का अनोखा संगम

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राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और भव्यता का प्रतीक बनकर सामने आया है। इस बार मंदिर को 12 टन रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से सजाया गया है, जिससे पूरा मंदिर परिसर दिव्य सौंदर्य और खुशबू से सराबोर हो गया।

मंदिर बोर्ड के चेयरमैन हजारी दास वैष्णव ने बताया कि इस अनुपम सजावट की पहल एक गुमनाम श्रद्धालु ने की है। उन्होंने अपना नाम गुप्त रखते हुए मंदिर प्रशासन से अनुमति ली और यह स्पष्ट किया कि यह भक्ति पूर्ण सेवा केवल आस्था का प्रतीक है, न कि किसी प्रकार की प्रसिद्धि की चाह।

फूलों से बनी अद्वितीय कलाकृतियां

इस सजावट की सबसे बड़ी खासियत मंदिर के भीतर लगाया गया फूलों का झूमर है, जिसमें ‘सांवलिया सेठ’ लिखा गया है। आमतौर पर जहां झूमर कांच या धातु से बनाए जाते हैं, वहीं यहां फूलों से बना यह झूमर भक्तों को आकर्षित कर रहा है। गर्भगृह के बाहर दीवारों पर फूलों से बनी कलाकृतियां, मोर और अन्य पक्षी भी सजावट का अहम हिस्सा हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मंदिर का रूप

फूलों से सजा हुआ मंदिर सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है। श्रद्धालु इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं, जिससे यह दिव्य सजावट वायरल हो गई है। मंदिर की दीवारें, छत और आंगन फूलों की खुशबू से महकते नजर आ रहे हैं।

देशभर से मंगवाए गए फूल

इस विशाल सजावट में मोगरा, चमेली, मेरीगोल्ड, कनेर, रजनीगंधा, एंथोरियम, ब्लू स्टार, रोज और करीनाशन जैसे फूलों का उपयोग किया गया है। ये फूल हिमाचल प्रदेश, कोलकाता और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों से मंगवाए गए। सजावट का कार्य एक दिन पहले शुरू किया गया और शुक्रवार सुबह इसे अंतिम रूप दिया गया।

जब शुक्रवार सुबह मंदिर के द्वार खुले, तो श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देखकर भावविभोर हो गए। फूलों की महक और दृश्य सौंदर्य ने मंदिर को एक दैवीय अनुभव में बदल दिया।

सांवलिया सेठ मंदिर की इस विशेष सजावट ने न केवल श्रद्धालुओं को भावविभोर किया है, बल्कि यह भक्ति और सौंदर्य की मिसाल बनकर सामने आई है।