एससीओ बैठक में भारत की सांस्कृतिक कूटनीति पर जोर,बिश्केक में बोले गजेंद्र सिंह शेखावत- ‘संस्कृति संवाद और विश्वास का सबसे सशक्त माध्यम’

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बिश्केक, 19 जुलाई। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किर्गिज गणराज्य में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के संस्कृति मंत्रियों की 23वीं बैठक को संबोधित किया। शेखावत ने कहा कि संस्कृति केवल विरासत का संरक्षण नहीं, अपितु संवाद, विश्वास और सतत विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। विविध संस्कृतियों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग ही वैश्विक शांति एवं समृद्धि का आधार बन सकता है।

रविवार को अपने संबोधन में शेखावत ने भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदैव सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग का समर्थक रहा है। उन्होंने सीएसओ सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा साझा विरासत के संरक्षण के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात ‘विश्व एक परिवार है’ की सनातन भावना को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहा है। यही दर्शन विभिन्न देशों और संस्कृतियों के बीच विश्वास, साझेदारी और सौहार्द को सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान, कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग के नए आयाम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एससीओ के सदस्य देश सांस्कृतिक साझेदारी को और सशक्त बनाकर क्षेत्रीय शांति, आपसी समझ और सतत विकास को नई गति देंगे।