शेखावत ने की राजस्थान में जल संकट के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल अभियान की सराहना

Jodhpur Rajasthan

जोधपुर : केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को जोधपुर में सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार की जल संरक्षण नीतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राजस्थान में जल संकट और जल संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदमों को साझा किया।

प्रमुख बिंदु:

  1. डार्क जोन और सैफ जोन: शेखावत ने बताया कि राजस्थान के कई इलाके पहले जलवायु संकट और जल की कमी के कारण डार्क जोन में थे, लेकिन अब तकनीकी उपायों के जरिए इन्हें सैफ जोन में बदला गया है। इसके साथ ही, सभी जिलों को जल संकट से निपटने के लिए मास्टर प्लान दिए गए हैं।
  2. अमृत सरोवर अभियान: उन्होंने पीएम मोदी के अमृत सरोवर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान राजस्थान में एक नई जल संरक्षण क्रांति का आरंभ है। इसके तहत तालाबों और जलाशयों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।
  3. पाकिस्तान को पानी का मुद्दा: शेखावत ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1947 के बाद जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, तो 80% पानी पाकिस्तान को मिला और महज 20% पानी भारत को मिला, जो देश के जल संकट का एक प्रमुख कारण बन गया। उन्होंने इसे नेहरू सरकार के निर्णय का परिणाम बताया, जिसमें भारत के हितों को गिरवी रखा गया था।
  4. भारत का जल संकट: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे अधिक जल का दोहन करने वाला देश है, इसके बाद अमेरिका और चीन का नंबर आता है। हमारे गांवों की पेयजल आपूर्ति भूगर्भीय जल पर निर्भर है, और खेती का 75% हिस्सा भी भूगर्भीय जल से आता है, जिससे जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है और डार्क जोन बढ़ रहे हैं।
  5. जलशक्ति अभियान और भू-जल की मैपिंग: पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्षा जल संरक्षण के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। देशभर के 700 जिलों में जलशक्ति अभियान चलाया जा रहा है, और भूगर्भीय जल की मैपिंग करके इसके संरक्षण के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।
  6. वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान: शेखावत ने राजस्थान में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान की तारीफ करते हुए बताया कि इस अभियान से गांव-गांव में जल संरक्षण की दिशा में जागरूकता बढ़ी है। 15,000 से ज्यादा पारंपरिक जल स्त्रोतों का सुदृढ़ीकरण किया गया है, और जल संरक्षण को लेकर राज्य में एक जन आंदोलन खड़ा हो चुका है।
  7. जोजरी नदी का मुद्दा: जोजरी नदी में बह रहे प्रदूषित पानी को लेकर उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। आने वाले समय में नदी के 26 किलोमीटर के क्षेत्र में उद्योगों से निकलने वाले केमिकल पानी को अलग लाइन से निकाला जाएगा, जिससे नदी की सफाई की जाएगी।

गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जल संकट के मुद्दे पर केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सफलता के लिए पीएम मोदी की नेतृत्व क्षमता को भी सराहा और कहा कि जल संरक्षण देश के लिए एक राष्ट्रीय अभियान बन चुका है।