जयपुर।
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शिव से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश से जुड़े कई गंभीर जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बातचीत की शुरुआत में उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित अन्य सदस्यों की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद विधायक भाटी ने हाल ही में सामने आए ओएमआर शीट प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से ही युवा वर्ग पेपर लीक जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा था और अब ओएमआर शीट से जुड़े मामले सामने आना यह दर्शाता है कि व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। भाटी ने कटाक्ष करते हुए कहा, “जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो फिर खेत की रक्षा कौन करेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य—दोनों सरकारें बारी-बारी से युवाओं के भविष्य को राजनीतिक फुटबॉल बना रही हैं।
जल जीवन मिशन की स्थिति पर चिंता जताते हुए भाटी ने पश्चिमी राजस्थान का उदाहरण रखा। उन्होंने कहा कि वे उस क्षेत्र से आते हैं जहां पानी को घी से भी अधिक अमूल्य माना जाता है, लेकिन आज उसी पश्चिमी राजस्थान में जल जीवन मिशन की हालत बद से बदतर है। भाटी ने बताया कि राजस्थान इस योजना के क्रियान्वयन में देश में 32वें स्थान पर है, जबकि बाड़मेर जिला प्रदेश में अंतिम पायदान पर है। उन्होंने कहा कि आज भी बाड़मेर जिले के लगभग 80 प्रतिशत घरों तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है।
विधायक भाटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन सभी मुद्दों पर विधानसभा सदन में गंभीर और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से माननीय अध्यक्ष से आग्रह किया कि पेपर लीक, ओरण संरक्षण, जल जीवन मिशन, रोज़गार, बढ़ते अपराध, खेजड़ी संरक्षण जैसे विषयों को सदन में विशेष चर्चा के लिए लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी व्यापक विमर्श की आवश्यकता जताई।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए भाटी ने कहा कि जैसलमेर और बाड़मेर जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्रों में आज तक एक भी बर्न यूनिट उपलब्ध नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएससी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बदहाल स्थिति में हैं और प्रदेश के ट्रॉमा सेंटर स्वयं “ट्रॉमा” में हैं।
पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए भाटी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में ओरण, गोचर भूमि और खेजड़ी जैसे जीवनदायी वृक्षों को जड़ से खत्म किया जा रहा है, लेकिन इस पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और कठोर नीति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पश्चिमी राजस्थान के कई युवा जैसलमेर से जयपुर तक पदयात्रा करने को मजबूर हैं, जबकि ऐसी परिस्थितियां कभी उत्पन्न ही नहीं होनी चाहिए थीं।
विधायक भाटी ने अंत में कहा कि दोनों ही सरकारें बारी-बारी से युवाओं, शोषितों और वंचित वर्गों के साथ अन्याय कर रही हैं और अब तक इन ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर संवाद करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि इन विषयों पर ईमानदारी से चर्चा होगी तो उसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा और यही लोकतंत्र की सच्ची जीत होगी।

