इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप फेडरेशन (IEF), चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान CCS NIAM, जयपुर में RKVY-RAFTAAR एग्री-बिजनेस इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित कोहोर्ट-12 स्टार्टअप्स के साथ एमओए (MoA) हस्ताक्षर समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्टार्टअप्स के साथ एमओए पर हस्ताक्षर किए गए तथा उन्हें व्यवसाय विस्तार, तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरिंग एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कोहोर्ट-12 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि IAS एवं पूर्व सचिव, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय,भारत सरकार श्री जे पी मीना ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र का भविष्य नवाचार, प्रौद्योगिकी, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क एवं उद्यमिता में निहित है। उन्होंने एग्री स्टार्टअप्स को किसानों की आय वृद्धि, जलवायु अनुकूल कृषि, आपूर्ति श्रृंखला दक्षता, खाद्य प्रसंस्करण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु अभिनव समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कोहोर्ट-12 में 5 राज्यों (महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना एवं झारखंड) तथा 1 केंद्रशासित प्रदेश (जम्मू एवं कश्मीर) से कुल 7 नवाचारी एग्री-स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इन स्टार्टअप्स को विभिन्न कृषि एवं ग्रामीण विकास आधारित नवाचारों के लिए कुल ₹80 लाख की ग्रांट-इन-एड की अनुशंसा की गई है।आईईएफ, सीसीएस एनआईएएम निरंतर देशभर के नवोन्मेषी कृषि उद्यमियों को प्रोत्साहित करते हुए आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी एवं टिकाऊ कृषि-स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जे पी मीना, IAS एवं पूर्व सचिव, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय,भारत सरकार, चिन्मय पी. गोटमारे, IAS, संयुक्त सचिव (मार्केटिंग), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार एवं महानिदेशक, सीसीएस NIAM रहे। इस अवसर पर आर.सी. मीणा, स कृषि विपणन सलाहकार एवं प्रोजेक्ट इंचार्ज IEF तथा डॉ. रवि कुमार गोयल, सीओओ एवं निदेशक, आई ई एफ-सीसीएस NIAM सहित स्टार्टअप संस्थापक, मेंटर्स, IEF टीम एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

