केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने NAFED और NCCF के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन राज्यों में किसानों को फसलों का बाजार भाव MSP से कम मिल रहा है, वहां तत्काल और प्रभावी खरीद सुनिश्चित की जाए।
नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में हुई बैठक में मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की उपज स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने वस्तुओं से कहा कि उपजन को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि “मिशन मोड” में चलाया जाए।
बैठक में चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी दलहन-तिलहन फसलों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने जिला स्तर पर उत्पादन, संभावित आवक और खरीद क्षमता का आकलन कर स्पष्ट लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए।
शिवराज सिंह चौहान ने भुगतान में देरी को गंभीर मुद्दा बताया हुए किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त SOP तैयार करने को कहा। समीक्षा में बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में भुगतान और डेटा से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
कृषि मंत्री ने कहा कि अगर राज्यों की सहकारी या प्रशासनिक अड़चनों की वजह से खरीद प्रभावित हो रही है, तो केंद्र सरकार सक्रिय समन्वय के जरिए समाधान निकालेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब किसानों को MSP पर खरीद का भरोसा मिलेगा।
बैठक के अंत में NAFED और NCCF को निर्देश दिए गए कि वे खरीद व्यवस्था को और बेहतर बनाएं, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाएं तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के साथ बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें।

