राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीकानेर में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान को बचाने की बात कर रहे हैं, क्योंकि मौजूदा हालात में इसकी सख्त जरूरत है।
गहलोत ने कहा कि “सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है, और संवैधानिक संस्थाओं का खुलकर दुरुपयोग हो रहा है।” उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने घरों में संविधान की प्रस्तावना रखें और अधिक से अधिक लोगों को इससे अवगत कराएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसका महत्व समझ सकें।
“देश में डर का माहौल, सवाल उठाने वालों को बताया जा रहा देशद्रोही”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आज के समय में जो सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे ‘देशद्रोही’ करार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के दखल के बाद कुछ बदलाव जरूर आए हैं, लेकिन देश में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं।
“भाजपा ने झूठ फैलाकर सत्ता में वापसी की”
राजस्थान में भाजपा की जीत पर गहलोत ने कहा कि “अगर झूठ का प्रचार नहीं होता तो कांग्रेस फिर सत्ता में आ सकती थी।” उन्होंने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने दो घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन NIA तीन साल बाद भी केस को अंजाम तक नहीं पहुंचा पाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि “चुनाव के समय भाजपा ने यह झूठ फैलाया कि एक समुदाय को ज्यादा और दूसरे को कम मुआवजा दिया गया।” गहलोत ने कहा कि हकीकत में कन्हैयालाल के बेटों को सरकारी नौकरी और ₹50 लाख की मदद तत्काल दी गई थी।
“राहुल गांधी ने जो सवाल उठाए, आज भी अनुत्तरित हैं”
गहलोत ने दावा किया कि राहुल गांधी ने कोरोना, चीन विवाद और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए, जिनका अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि “चीन के साथ सीमा विवाद पर आज तक सरकार की ओर से कोई ठोस बयान नहीं आया।”
“झूठे घोटाले गढ़कर यूपीए को बदनाम किया”
गहलोत ने आरोप लगाया कि “2G और कोयला घोटाले जैसे मामलों का प्रचार कर यूपीए सरकार को बदनाम किया गया, लेकिन आज तक उनमें कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आए।” उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए 11 साल हो गए हैं, फिर भी जनता से किए गए वादों पर कोई अमल नहीं हुआ।
“उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे पर भी उठे सवाल”
उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर भी सवाल उठाए। “देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने इस्तीफा दिया, लेकिन कारण सामने नहीं आया। इससे कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं और सरकार को इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए।”
कार्यक्रम में अव्यवस्था
रैली के दौरान कई बार माइक बंद हो गया, और स्टेज पर फोटो खिंचवाने की होड़ में पर्दा फट गया। जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गहलोत के साथ मंच पर पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, गोविंद मेघवाल, भंवर सिंह भाटी और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

