राज्यसभा में बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को कड़े शब्दों में जवाब देते हुए करीब डेढ़ घंटे का भाषण दिया। उन्होंने शाम 7 बजे अपना संबोधन शुरू किया और रात 8:25 बजे तक पाकिस्तान और आतंकवाद से निपटने के भारत सरकार के रुख को स्पष्ट किया।
इस दौरान विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में बुलाने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया।
शाह का तीखा जवाब: “PM ऑफिस में हैं, उन्हें सुनने का शौक नहीं”
अमित शाह ने कहा, “विपक्ष पूछ रहा है कि प्रधानमंत्री कहां हैं? वो इस वक्त ऑफिस में हैं। उन्हें सुनने का शौक नहीं है। आप मुझसे निपट लीजिए, उन्हें क्यों बुला रहे हो?”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री का दिल्ली में रहते हुए भी सदन में न आना, सदन और उसके सदस्यों का अपमान है।” इसके बाद विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार का पक्ष
शाह ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ठोस कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि “ऑपरेशन महादेव” के तहत तीन आतंकियों को ढेर किया गया और आतंकियों को पनाह देने वालों को भी निशाना बनाया गया।
विपक्ष के चार सवालों पर अमित शाह का जवाब:
1. बिहार में पीएम मोदी की जनसभा पर
शाह ने कहा कि 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की बिहार में सभा चुनावी नहीं थी। “पीएम ने तब जो कहा था कि एक-एक आतंकी को सज़ा दी जाएगी, वह आज सच हो रहा है। सेना ने आतंकियों के आकाओं तक को निशाना बनाया।”
2. आतंकी घटनाएं और कांग्रेस पर निशाना
गृह मंत्री ने दावा किया कि 2014 से पहले हर साल देश में आतंकी हमले और बम धमाके होते थे। “609 से ज्यादा लोग मारे गए। कांग्रेस ने आतंकियों का समर्थन करने वाले कानून POTA का विरोध किया। मोदी सरकार में जम्मू-कश्मीर को छोड़कर कहीं धमाके नहीं हुए।”
3. ऑपरेशन सिंदूर की निर्णायकता पर
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बयान का जवाब देते हुए शाह बोले, “अगर 1965 और 1971 के युद्ध निर्णायक थे, तो आतंकवाद क्यों नहीं रुका? दुश्मन को डराना पड़ेगा, तभी उसका अंत होगा। मैं गर्व से कहता हूं कि कोई भी हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकता।”
4. सीजफायर के पीछे की वजह
सीजफायर पर उठे सवालों पर शाह ने कहा, “पाकिस्तान ने खुद हमारे DGMO से संघर्षविराम की अपील की। हमारा इरादा युद्ध नहीं था, न ही पाकिस्तान की जनता को नुकसान पहुंचाना। लेकिन राहुल गांधी अब भी इसे मुद्दा बना रहे हैं।”
चर्चा खत्म, सदन स्थगित
शाह के संबोधन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर पर दो दिन से चल रही बहस का भी समापन हो गया।

