“एक राष्ट्र,एक चुनाव देश की जरूरत;राष्ट्रीय एकता को नकारने वाले कर रहे विरोध”— सुधांशु त्रिवेदी

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जयपुर, 18 जुलाई 2025 — भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने जयपुर में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए कहा कि यह अवधारणा केवल चुनाव प्रणाली से जुड़ी नहीं है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय एकता से भी गहराई से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल ‘एक भारत’ की भावना को ही नहीं स्वीकारते।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, आदिशंकराचार्य जैसी विभूतियां भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक एकता का प्रमाण हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब भारत एक राष्ट्र नहीं होता तो अंग्रेज पूरे देश पर एक साथ शासन कैसे कर सकते थे, जैसा कि महात्मा गांधी ने भी अपने ग्रंथ ‘हिंद स्वराज’ में कहा है।

त्रिवेदी ने एक साथ चुनाव कराने के आर्थिक और प्रशासनिक लाभों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर छह महीने में चुनाव कराना न सिर्फ भारी खर्च का कारण बनता है, बल्कि सरकारी मशीनरी को भी प्रभावित करता है। “एक साथ चुनाव होने से देश की जीडीपी में 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि 1980 के दशक में भारत की विकास दर चीन से अधिक थी, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारत पीछे रह गया। अटल बिहारी वाजपेयी के हवाले से उन्होंने कहा कि “चुनाव लोकतंत्र की धड़कन है, लेकिन बार-बार की धड़कन अगर तेज हो जाए, तो नुकसानदेह हो सकती है।”

इस मौके पर कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक सुनील भार्गव सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वकील, व्यापारी, गृहणियां, पूर्व सैनिक और अन्य प्रबुद्ध नागरिकों की भागीदारी रही।

भारत की कूटनीतिक जीत:अमेरिका ने TRF को आतंकी संगठन घोषित किया—सुधांशु त्रिवेदी

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि अमेरिका ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकी संगठन ‘द रेज़िस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर दिया है।

उन्होंने इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया और कहा कि TRF कई वैश्विक आतंकी नेटवर्क्स का हिस्सा है। त्रिवेदी ने कहा, “यह उपलब्धि भारत की लगातार प्रभावशाली विदेश नीति और वैश्विक मंचों पर प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत उपस्थिति का परिणाम है।”

उन्होंने बताया कि इससे पहले अमेरिका ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी और संयुक्त राष्ट्र ने हाफिज सईद और मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया था। “अब TRF पर प्रतिबंध लगाना इस कड़ी की अगली कड़ी है।”

डॉ. त्रिवेदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा, “जिन्हें भारत की विदेश नीति सर्कस लगती थी, उन्हें अपने ‘सर्किट’ की जांच करवानी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस से S-400 मिसाइलें लीं और अमेरिका ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, वहीं भारत को अमेरिका से प्रिडेटर ड्रोन जैसी तकनीक मिलना उसकी विश्वसनीयता का संकेत है।

त्रिवेदी ने कहा कि BRICS सम्मेलन में आतंकवाद पर पारित प्रस्ताव और यह स्पष्ट नीति कि “आतंकवाद के साथ कोई बातचीत नहीं होगी”, भारत की सख्त और स्पष्ट कूटनीति का प्रमाण है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत सरकार को इस उपलब्धि के लिए देशवासियों की ओर से बधाई दी और इसे भारत की विदेश नीति का एक ऐतिहासिक मोड़ बताया।