नई दिल्ली, 31 अक्तूबर। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर, लोक सभा अध्यक्ष ने देश भर से आए विद्यार्थियों से संवाद किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में संसदीय लोकतन्त्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान ( PRIDE) द्वारा आयोजित “नो यूअर लीडर” कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाग लिया। संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि सरदार पटेल के विचारों और मूल्यों से प्रेरणा प्राप्त कर भारत के युवा नवाचार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नेतृत्व के माध्यम से देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। सरदार पटेल के एकता और अनुशासन के मार्गदर्शी मूल्यों का उल्लेख करते हुए बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके जीवन और कार्यों से भारत के युवा नागरिकों को राष्ट्र के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने के लिए प्रेरणा मिलती रहेगी ।
उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत की राजनीतिक एकता और प्रशासनिक दृढ़ता की नींव रखी। सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अद्वितीय नेतृत्व से सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर यह सुनिश्चित किया कि नव स्वतंत्र भारत एक अखंड और संप्रभु राष्ट्र के रूप में उभरे। उन्होंने स्वतंत्रता की भावना को शासन के ढाँचे में परिवर्तित किया, जिससे भारत विश्व मंच पर सशक्त और समावेशी लोकतंत्र के रूप में मजबूती से खड़ा हुआ । ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर आधारित युग में सरदार पटेल के एकता से शक्ति, अनुशासन से व्यवस्था और कर्तव्य से सेवा के आदर्श आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।
कोटा–बून्दी के विद्यार्थियों ने किया सरदार को नमन
संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में कोटा–बून्दी संसदीय क्षेत्र से चयनित 51 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया और उन्हें राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के प्रतीक के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों ने संविधान सदन जैसे ऐतिहासिक स्थल का अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने देश के महापुरुषों से प्रेरणा ली और लोकतंत्र की जड़ों को निकट से समझा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रनायकों के प्रति जागरूकता, अनुकरणीयता और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने लोकसभा, राज्यसभा, प्रधानमंत्री संग्रहालय, राष्ट्रपति भवन तथा दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण किया।

