अजमेर में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर प्रेस ब्रीफिंग में कहा है कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विकसित भारत–2047 की ओर मजबूती से आगे ले जाने वाला दस्तावेज़ है। उन्होंने कहा कि बजट में आर्थिक स्थिरता, समावेशी विकास और भविष्य की जरूरतों के बीच संतुलन दिखाई देता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट का फोकस जीवाईएएन—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति—को आत्मनिर्भर बनाने पर है। उन्होंने इसे “तेज़ और सतत आर्थिक वृद्धि, आम नागरिकों की उम्मीदें पूरी करने और सबका साथ–सबका विकास” पर आधारित बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश इस बजट की बड़ी विशेषता है। वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जबकि प्रभावी कैपेक्स 17.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे सड़कों, रेलवे, शहरी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को गति मिलने की उम्मीद है।
दिया कुमारी ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, रेयर अर्थ कॉरिडोर, केमिकल पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स योजना और ‘बायो-फार्मा शक्ति’ जैसी पहलों से मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड भी बजट की अहम घोषणा है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बजट को “आम नागरिकों के लिए राहत देने वाला” बताते हुए उन्होंने कहा कि कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट, नए मेडिकल हब, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और केयरगिवर्स के प्रशिक्षण से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। शिक्षा में यूनिवर्सिटी टाउनशिप और हर जिले में बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा को उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया।
पर्यटन को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में इसे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। विशेष पर्यटन स्थलों के विकास, विरासत स्थलों के डिजिटलीकरण और गाइडों के कौशल प्रशिक्षण से राज्यों को लाभ मिलेगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि एआई आधारित ‘भारत विस्तार’ पहल, उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा, पशुपालन और मत्स्य पालन पर जोर किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा। महिला सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना के विस्तार और महिला उद्यमियों को इक्विटी सपोर्ट भी बजट का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए सरकार ने राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखा है। उनके अनुसार यह बजट “सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन” की सरकार की पहचान को आगे बढ़ाता है।
राजस्थान के संदर्भ में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ा हुआ कैपेक्स, एमएसएमई और पर्यटन पर फोकस से राज्य को सीधा लाभ होगा। दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, स्टोन, फूड प्रोसेसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में राजस्थान की भूमिका और मजबूत होगी।प्रेस ब्रीफिंग में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और मीडिया के सदस्य भी मौजूद रहे।

