उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार किया है। लखनऊ के जन भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई नए कैबिनेट को कैबिनेट में शामिल किया गया, जबकि कुछ राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार देकर जिम्मेदारियां बढ़ाई गईं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कैबिनेट में पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और हाल ही में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज कुमार पांडे को मंत्री बनाया गया। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र डिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश सिंह राजपूत ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
सरकार ने अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री से स्वतंत्र प्रभार का दर्जा देकर प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ाईं। माना जा रहा है कि यह विस्तार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा है।
शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। भाजपा नेतृत्व इस विस्तार को 2027 के चुनावों से पहले संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कवायद के तौर पर देख रहा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस विस्तार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि मंत्रिमंडल में सीमित जगह होने के बावजूद अन्य पार्टियों से आए नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि वर्षों से मंत्री बनने की प्रतीक्षा कर रहे भाजपा नेताओं का क्या होगा।यह योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार है। इससे पहले मार्च 2024 में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था।

