नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सोमवार को दो अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने जहां 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की शर्तों (Terms of Reference) को मंजूरी दी, वहीं रबी 2025-26 सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy – NBS) दरों को भी मंजूरी दी।
8वें वेतन आयोग को 18 महीने में देनी होगी सिफारिशें
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत शर्तों के अनुसार, 8वां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा जिसमें एक अध्यक्ष, एक अंशकालिक सदस्य और एक सदस्य सचिव शामिल होंगे। आयोग को गठन की तिथि से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी। जरूरत पड़ने पर आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकेगा।
आयोग को अपनी सिफारिशें करते समय देश की आर्थिक स्थिति, वित्तीय अनुशासन, विकास और कल्याणकारी व्यय के लिए संसाधनों की उपलब्धता, गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की लागत और राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति जैसे पहलुओं पर विचार करना होगा।
केंद्रीय वेतन आयोग हर दस वर्ष में गठित किए जाते हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सामान्यतः 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है।
रबी 2025-26 के लिए उर्वरक सब्सिडी दरें तय
बैठक में कैबिनेट ने रबी सीजन 2025-26 (1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026) के लिए फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी दरें तय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस योजना के लिए लगभग ₹37,952.29 करोड़ की बजटीय आवश्यकता होगी, जो खरीफ सीजन 2025 से लगभग ₹736 करोड़ अधिक है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार, किसानों को डाई अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और NPKS ग्रेड जैसे उर्वरक रबी सीजन में तय दरों पर सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनकी लागत कम हो और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहें।
सरकार 28 ग्रेड के P&K उर्वरकों को सब्सिडी दरों पर किसानों को उपलब्ध करा रही है। NBS योजना के तहत सब्सिडी उर्वरक कंपनियों को दी जाएगी ताकि वे किसानों को सस्ते और सुलभ दामों पर उर्वरक उपलब्ध करा सकें।
केंद्र सरकार का कहना है कि इन फैसलों से एक ओर जहां सरकारी कर्मचारियों को वेतन ढांचे में सुधार का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी — जिससे विकास और कल्याण दोनों लक्ष्यों को साधा जा सकेगा।

