सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग (ECI) को निर्देश दिया कि हटाए गए मतदाता अपना नाम जुड़वाने के लिए ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी आवेदन कर सकें।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड समेत फॉर्म 6 में सूचीबद्ध 11 दस्तावेजों में से कोई भी पहचान पत्र के रूप में जमा किया जा सकता है। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक और पानी का बिल जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राजनीतिक दलों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “राज्य की 12 राजनीतिक पार्टियों में से केवल तीन ही कोर्ट में मौजूद हैं। लगभग 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट होने के बावजूद सिर्फ दो आपत्तियां आई हैं। मतदाताओं की मदद के लिए आप क्या कर रहे हैं?”
अब इस मामले पर अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।

