दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। दोनों जंतर-मंतर से करीब 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए, जहां सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर विपक्षी सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि सरकार मार्च रोक सकती है और चुनाव आयोग से मिलने से इनकार कर सकती है, लेकिन ‘जनता की इच्छा को नहीं रोक सकती।’ उन्होंने कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी संविधान की प्रति लेकर सड़क पर लेट गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। कांग्रेस के मुताबिक, प्रियंका ने कहा कि वे तब तक वहां से नहीं हटेंगी, जब तक सुरक्षा बलों को वापस नहीं बुलाया जाता।
राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद लंच के बाद जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। यह लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आयोजित किया था। हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेता इसमें शामिल नहीं हुए।
इससे एक दिन पहले INDIA ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था, जिसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी परिसर में धरना दिया। दोनों को हिरासत में भी लिया गया था।
आकाशवाणी परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
विपक्षी दल चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

